





A2 Buffalo ghee
Our A2 Buffalo Ghee 500ml is made from the rich milk of Indian A2 buffaloes using the Bilona method. It's thicker, creamier, and packed with nutrients. Perfect for cooking or daily use, this ghee...
Category: A2 Buffalo ghee
Weight: 500ml
Inclusive of all taxes: ₹607.50




Why Choose This Product?
Our A2 Buffalo Ghee 500ml is made from the rich milk of Indian A2 buffaloes using the Bilona method. It's thicker, creamier, and packed with nutrients. Perfect for cooking or daily use, this ghee supports strong bones, better digestion, and immunity.
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At Premanand Food, we prioritize purity, transparency, and tradition. Our ghee is made from farm-fresh A2 milk, without chemicals or additives. Each jar reflects our commitment to health, hygiene, and heritage.
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चरक संहिता और आयुर्वेद में भैंस के घी (Buffalo Ghee) के सेवन के नियम – हिंदी में
भैंस का घी आयुर्वेद में विशेष गुणों वाला माना गया है, खासकर जब शरीर में बल (strength), नींद, त्वचा की सुंदरता और वृद्धि की आवश्यकता हो। चरक संहिता और सुश्रुत संहिता दोनों में घृत (घी) को महाऔषधि कहा गया है। गाय और भैंस के घी के गुण भिन्न होते हैं, और दोनों के उपयोग अलग-अलग प्रकृति और रोगों में बताए गए हैं।
🐃 1. भैंस का घी नींद बढ़ाता है (Induces Deep Sleep)
चरक संहिता के अनुसार, भैंस का घी “निद्राजनक” (sleep-inducing) है। जो व्यक्ति अनिद्रा या बेचैनी से पीड़ित हैं, उनके लिए यह अत्यंत लाभकारी है।
➡️ प्रयोग: रात को गर्म दूध में 1 छोटा चम्मच भैंस घी मिलाकर लें।
💪 2. बलवर्धक और वीर्यवर्धक (Strength & Virility Enhancer)
यह शरीर को स्थूलता देता है, बल और ओज बढ़ाता है। आयुर्वेद में इसे वीर्यवर्धक (reproductive enhancer) और बृंहणीय (nourishing) बताया गया है।
➡️ सेवन विधि: सुबह खाली पेट या भोजन के साथ 1-2 चम्मच।
⚠️ 4. गुरु और भारी होने के कारण सीमित मात्रा में लें (Consume in Moderation)
भैंस का घी भारी होता है और धीमे पचता है, इसलिए अधिक सेवन करने से कफ बढ़ सकता है।
➡️ अधिक मात्रा में यह नुकसानदायक हो सकता है:
मोटापा
पाचन धीमा होना
कफ से संबंधित रोग
🌡️ 3. उष्ण प्रकृति वालों के लिए उपयुक्त (Good for Pitta/Hot-natured People)
चरक संहिता के अनुसार, भैंस का घी शीतल (cooling), मधुर (sweet), और गुरु (heavy to digest) होता है। अतः यह पित्त दोष को शांत करता है और गर्म प्रकृति वाले लोगों को शांति देता है।
🧠 5. तंत्रिका तंत्र और मस्तिष्क के लिए लाभकारी (Nervous System Benefits)
चरक संहिता में घी को स्नेहन और धारण शक्ति बढ़ाने वाला बताया गया है। यह मस्तिष्क की कार्यक्षमता, याददाश्त और एकाग्रता को बढ़ाता है।
➡️ प्रयोग: नस्य (नाक में घी की बूंदें डालना) के रूप में भी आयुर्वेद में प्रयोग होता है।
👩🦰 6. त्वचा, आंख और बालों के लिए उपयोगी (Good for Skin, Hair & Eyes)
यह शीतल होने के कारण त्वचा की जलन, सूखापन और बालों के झड़ने में राहत देता है।
➡️ बाहरी उपयोग: बालों में मालिश, फटी त्वचा पर लेप, और आंखों के नीचे काले घेरे में लगाना।
✅ भैंस के घी के आयुर्वेदिक गुण (Charak Samhita Summary):
रस (Taste): मधुर (Sweet)
गुण (Quality): गुरु (Heavy), शीतल (Cooling), स्निग्ध (Unctuous)
दोष प्रभाव: वात-पित्त शांत, कफ वर्धक
उपयुक्त रोग: अनिद्रा, दुर्बलता, रक्तपित्त, त्वचा रोग
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Customer Reviews (2)
AMBUNAV
I taste this is the best Ghee ever
Kabeer
I taste it just wow
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