

Jaggery (Gur)
Our organic jaggery is made from fresh sugarcane juice without any chemicals, bleaching, or preservatives. It retains natural minerals like iron, magnesium, and potassium—making it a healthier alter...
Category: Sweeteners
Weight: 1Kg
Inclusive of all taxes: ₹183.75




Why Choose This Product?
Our organic jaggery is made from fresh sugarcane juice without any chemicals, bleaching, or preservatives. It retains natural minerals like iron, magnesium, and potassium—making it a healthier alternative to white sugar. Enjoy it in tea, desserts, or daily meals.
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चरक संहिता में गुड़ खाने के नियम और सुझाव (Tips to Eat Jaggery According to Charak Samhita in Hindi)
चरक संहिता, आयुर्वेद का एक प्रमुख ग्रंथ है, जिसमें आहार-विहार, औषधियों और जीवनशैली के अनेक सिद्धांत बताए गए हैं। गुड़ (गुड़ या शर्करा) को आयुर्वेद में न केवल एक प्राकृतिक मिठास के रूप में बल्कि औषधीय दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। यहां कुछ प्रमुख सुझाव दिए जा रहे हैं जो चरक संहिता या पारंपरिक आयुर्वेदिक ज्ञान पर आधारित हैं:
1. शुद्ध गुड़ का सेवन करें (Use Pure & Unrefined Jaggery)
चरक संहिता के अनुसार, अशुद्ध या अधिक पकाया गया गुड़ शरीर में दोषों को बढ़ा सकता है। हमेशा ताजा, भूरा और केमिकल-मुक्त गुड़ का सेवन करना चाहिए।
2. गुड़ को भोजन के बाद सेवन करें (Eat After Meals)
गुड़ पाचन शक्ति को बढ़ाता है और वात दोष को शांत करता है। भोजन के बाद एक छोटा टुकड़ा गुड़ खाने से पाचन सुधरता है और पेट साफ रहता है।
3. शीत ऋतु में विशेष रूप से लाभकारी (Especially Good in Winter)
सर्दियों में गुड़ शरीर में ऊष्मा प्रदान करता है। चरक संहिता के अनुसार, यह बलवर्धक, रक्तवर्धक और कफ शामक है – इसलिए ठंड में इसका सेवन उत्तम माना गया है।
4. गुड़ को घी या दूध के साथ न लें (Avoid with Ghee or Milk)
चरक संहिता के अनुसार, गुड़ और घी का संयोजन विरुद्ध आहार (अवांछनीय संयोजन) माना गया है। इससे शरीर में विषैले तत्व बन सकते हैं।
5. गुड़ की मात्रा सीमित रखें (Consume in Moderation)
अधिक मात्रा में गुड़ का सेवन शरीर में कफ और रक्त दोष को बढ़ा सकता है। इसलिए रोजाना एक से दो चम्मच (10-15 ग्राम) पर्याप्त है।
6. गुड़ का सेवन कुछ खास औषधियों के साथ करें (Jaggery with Ayurvedic Herbs)
चरक संहिता में बताया गया है कि गुड़ को त्रिफला, सोंठ या हरड़ जैसी औषधियों के साथ मिलाकर लिया जाए तो वह औषधि को शरीर में बेहतर पहुंचाता है और असर को बढ़ाता है।
7. इन स्थितियों में न करें गुड़ का सेवन (Avoid in These Conditions)
मधुमेह (Diabetes)
त्वचा रोग (Skin Disorders)
अधिक गर्मी या लू में (In Excessive Heat)
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Customer Reviews (1)
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